बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच कथित मतभेदों को लेकर चल रही चर्चा के बीच अब परिवार की सदस्य कश्मीरा शाह ने खुलकर सुनीता का समर्थन किया है। कश्मीरा ने साफ कहा कि वह परिवार की महिलाओं के साथ खड़ी हैं और सुनीता की बातों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
पैपराजी से बातचीत के दौरान कश्मीरा शाह से गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि सुनीता उनकी परिवार की सदस्य हैं और वह उनका साथ देंगी। कश्मीरा ने यह भी कहा कि सुनीता ने पहले कभी इस तरह खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर नहीं की थी, इसलिए अगर वह अब बोल रही हैं तो “कुछ तो गलत” जरूर होगा।
‘मैं सुनीता के साथ खड़ी हूं’
कश्मीरा ने कहा कि वह अपने परिवार की महिलाओं को सपोर्ट करती हैं। उनके मुताबिक, सुनीता ने लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से इस तरह की बातें नहीं कीं और अब उनके सामने आने की वजह को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
कश्मीरा के इस बयान ने गोविंदा और सुनीता के बीच चल रही चर्चाओं को और हवा दे दी है। हालांकि, कश्मीरा ने रिश्ते से जुड़े सभी आरोपों पर विस्तार से टिप्पणी नहीं की।
कैसे बढ़ा गोविंदा-सुनीता विवाद?
गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर हालिया विवाद तब तेज हुआ जब अभिनेता को उनकी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया। इसके बाद सुनीता ने मीडिया से बातचीत में गोविंदा पर तीखी टिप्पणी की और कथित तौर पर उनके रिश्ते को लेकर सवाल उठाए। बाद में गोविंदा ने भी सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए सुनीता से अपनी सीमाओं में रहने को कहा।
इसके बाद सुनीता को मुंबई की फैमिली कोर्ट के बाहर भी देखा गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने एक पुराने तलाक मामले को वापस लेने की बात कही। हालांकि, गोविंदा के मैनेजर ने दूसरी शादी से जुड़ी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई शादी नहीं हो रही है।
कृष्णा अभिषेक ने भी की परिवार से दूरी बनाए रखने की अपील
कश्मीरा के पति और गोविंदा के भांजे कृष्णा अभिषेक ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परिवार से जुड़े निजी मामलों को परिवार के भीतर ही रहना चाहिए। उन्होंने गोविंदा और सुनीता दोनों के प्रति अपना लगाव जताया और उम्मीद की कि विवाद जल्द सुलझ जाएगा।
फिलहाल गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में कश्मीरा शाह का सुनीता के पक्ष में खुलकर सामने आना इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ माना जा रहा है।


